कोरोनावायरस (COVID-19) के बारे में झूठी और सच्ची जानकारी

झूठ:आप एंटीबॉयोटिक्स और मलेरिया-रोधी दवाईयों के साथ कोरोनावायरस का इलाज कर सकते/सकती हैं 

सच: अभी तक कोरोनावायरस के किसी टीके या इलाज का पता नहीं चला है। 

पूरे विश्व भर में खोजकर्ता वायरस के लिए टीका विकसित करने के लिए कड़ा परिश्रम कर रहे हैं। टीके के प्रयोग के कई उम्मीदवार वर्तमान में क्लिनिकल परीक्षण के चरणों में हैं। परन्तु, हमें यह जानकारी नहीं है कि टीका तैयार करने में कितना समय लगेगा।  

खोजकर्ता नई और वर्तमान में उपलब्ध दवाईयों के प्रयोग पर भी अवलोकन कर रहे हैं जिनसे कोरोनावायरस का इलाज करने में मदद मिल सकती है। जैसे कि, remdesivir कहे जाने वाली एंटी-वायरल दवाई को ऑस्ट्रेलिया में गंभीर COVID-19 से ग्रस्त लोगों का इलाज करने के लिए अस्थायी तौर पर स्वीकृति मिली है। जिन अन्य दवाईयों की जांच-पड़ताल की जा रही है, उनमें गठिया, मलेरिया और HIV का इलाज करने वाली दवाईयाँ शामिल हैं। ये दवाईयाँ कोरोनावायरस का उपचार नहीं करेंगी, परन्तु ये वायरस से ग्रस्त होने वाली लोगों की संख्या और मामलों की गंभीरता को कम कर सकती हैं।

इसलिए, हाथों और सांस संबंधी अच्छी स्वच्छता को अमल में लाकर, शारीरिक दूरी बनाए रखकर, यदि आप अस्वस्थ हों तो घर में रहकर और टेस्ट करवाकर, तथा यदि आप महत्वपूर्ण तौर पर सामुदायिक संक्रमण वाले क्षेत्र में हों तो मास्क पहनकर, विशेषकर यदि शारीरिक दूरी को अमल में लाना कठिन हो, अपनी सुरक्षा करनी महत्वपूर्ण है।

झूठ: बच्चे COVID-19 को 'सबसे अधिक फैलाते' हैं 

सच:  हालाँकि यह माना जाता है कि सामान्यत: छोटे बच्चे रोगाणुओं और संक्रामक बीमारियों, जैसे कि इंफ्लुएंजा, को सबसे अधिक फैलाते हैं, पर COVID-19 के लिए वर्तमान प्रमाण यह सुझाव देता है कि स्कूलों में एक बच्चे से दूसरे बच्चे को होने वाला संक्रमण असामान्य है।  इसके अलावा, विश्व में कहीं भी ऐसे कोई आंकड़े नहीं हैं जो ये दर्शाएँ कि इस वायरस का मुख्य फैलाव छोटे बच्चों से हुआ है। हालाँकि यह संभव है, वर्तमान प्रमाण यह दर्शाता है कि बच्चे COVID-19 पैदा करने वाले वायरस को सबसे अधिक नहीं फैलाते हैं।

झूठ: ऑस्ट्रेलिया पर्याप्त दवा संबंधी उपकरण और आपूर्ति (वेंटिलेटर, मास्क, टेस्टिंग किट) प्राप्त नहीं कर सकता है  

सच: कर्व को फ्लैट (वक्र को समतल) करने में ऑस्ट्रेलिया बहुत सफल रहा है, जिसका यह अर्थ है कि हमने अपने अस्पतालों में बढ़ते दबाव से बचाव किया है। 

हमारे पास ऑस्ट्रेलिया में बहुत से निजी सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध हैं, तथा हर समय इनकी और अधिक मात्रा का उत्पादन ऑस्ट्रेलिया में हो रहा है और इन्हें ऑस्ट्रेलिया में डिलीवर किया जा रहा है। जैसे कि, राष्ट्रीय चिकित्सीय भंडार भरपूर मात्रा में है और इन्होंने 2021 तक के लिए चरण-दर-चरण डिलीवरी के लिए आधा अरब मास्क का ऑर्डर किया है।  

Communicable Diseases Network Australia और Public Health Laboratory Network सहित ऑस्ट्रेलिया की सरकार की सलाहकारी समितियाँ COVID-19 के लिए टेस्ट कराने की आवश्यकताओं पर मार्गदर्शन का पुन: आकलन करने के लिए अक्सर मुलाकात करती हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि COVID-19 महामारी पर हमारी सरकारी स्वास्थ्य प्रतिक्रिया के समर्थन में अत्यावशक टेस्ट कराए जाने का आयोजन किया जा सके।  

झूठ: ऑस्ट्रेलिया के अस्पताल COVID-19 के कारण बढ़ती मांग का सामना करने में सक्षम नहीं होंगे 

सच: कर्व को फ्लैट (वक्र को समतल) करने में ऑस्ट्रेलिया बहुत सफल रहा है, जिसका यह अर्थ है कि हमने अपने अस्पतालों में बढ़ते दबाव से बचाव किया है। ऑस्ट्रेलिया की विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य प्रणाली है जो आवश्यता पड़ने पर COVID-19 महामारी के दौरान अतिरिक्त मांग को पूरी करने के लिए पूरी तरह तैयार है।  इसमें ऑस्ट्रेलियाई सरकार, राज्यों और राज्य-क्षेत्रों की सरकारों तथा गैर-सरकारी स्वास्थ्य क्षेत्र के बीच सहभागिता के माध्यम से अतिरिक्त अस्पताल बैड्स, चिकित्सीय उपकरणों, आपूर्तियों और चिकित्सीय कर्मचारियों के लिए क्षमता शामिल है। 

झूठ: दो सप्ताह के लॉकडाउन से COVID-19 का फैलाव रूक जाएगा  

सच: दो या तीन सप्ताहों के लिए प्रतिबंध लागू करने और फिर इन्हें हटाने और हमारे सामान्य जीवन पर लौट आने से COVID-19 का फैलाव नहीं रूकेगा। 

COVID-19 से ग्रस्त अधिकांश लोगों को हल्के या कोई भी लक्षण नहीं हैं। केवल दो सप्ताह के लिए लॉकडाउन का खतरा यह है कि लॉकडाउन के पश्चात जब सब कुछ खुल जाएगा तो हो सकता है COVID-19 से ग्रस्त लक्षणहीन लोग अनजाने में अन्य लोगों को वायरस से संक्रमित कर दें।  

COVID-19 का फैलाव रोकने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि हाथों और सांस संबंधी स्वच्छता को अमल में लाएँ, शारीरिक दूरी बनाए रखें, यदि आप अस्वस्थ हों तो घर पर ही रहें और टेस्ट करवाएँ, तथा यदि आप सामुदायिक संक्रमण वाले किसी ऐसे क्षेत्र में हों जहाँ शारीरिक दूरी बनाए रखना संभव न हो तो मास्क पहनें। 

हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऑस्ट्रेलिया में प्रतिदिन नए मामलों की संख्या पर नज़र बनाए रखेंगे और यह देखते रहेंगे कि संक्रमण कहाँ हो रहा है। इसके बाद प्रमाण के आधार पर वे यह सुझाव देंगे कि क्या कोई नए नियम या प्रतिबंध लागू किए जाने की आवश्यकता है या नहीं। हर किसी को www.australia.gov.au वेबसाइट पर जाकर वर्तमान प्रतिबंधों की ताजा जानकारी रखनी चाहिए। 

झूठ: हर किसी का टेस्ट करने से कोरोनावायरस का फैलाव रूक जाएगा 

सच: टेस्ट करने से वायरस का फैलाव नहीं रूकता है।  

COVID-19 की रोकथाम और नियंत्रण के मूलभूत सिद्धांतों में से एक सिद्धांत टेस्ट करने की सामयिक, मापनीय और सटीक नैदानिक प्रक्रिया का होना है। नैदानिक टेस्टिंग रोग-विज्ञान को परिभाषित करने, मामला और संपर्क प्रबंध को सूचित करने तथा आखिरकार विषाणुजनित संक्रमण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।    

परन्तु, COVID-19 का टेस्ट नेगेटिव आने का यह अर्थ नहीं है कि आपको खतरा नहीं है, या आप दूसरों के लिए खतरा नहीं हैं।  SARS-CoV-2 (वह वायरस जिससे COVID-19 पैदा होता है) से संक्रमित होने के बाद परन्तु आप में लक्षण आने से पहले, हो सकता है कि आपका COVID-19 का टेस्ट नेगेटिव आए। इसलिए अच्छी स्वच्छता और शारीरिक दूरी को अमल में लाना तथा यदि आप अस्वस्थ हों तो घर पर ही रहना इतना महत्वपूर्ण होता है। लक्षित टेस्टिंग के साथ-साथ, ये कदम, COVID-19 तथा अन्य संक्रामक रोगों के संक्रमण की रोकथाम करने में सहायता दे रहे हैं, और ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य प्रणाली पर मांग को कम कर रहे हैं। 

किसी क्षेत्र में मामलों की बढ़ती संख्या और प्रकोपों का सफल सरकारी स्वास्थ्य प्रबंधन यह आवश्यक बनाता है कि रोग-विज्ञान नियंत्रण को बनाए रखने और प्रयोगशाला और टेस्टिंग स्थल की क्षमता की सुस्थिरता को सुरक्षित रखने के बीच सही संतुलन बनाने के लिए टेस्ट करने की प्रक्रिया को ध्यानपूर्वक लक्षित किया जाना चाहिए। 

जिन ऑस्ट्रेलियाई लोगों में कोई लक्षण न हों (अर्थात वे लक्षणहीन हों) उनका व्यापक तौर पर टेस्ट करने को बिल्कुल भी बढ़ावा नहीं दिया जाता है। टेस्ट करने की यह कार्यनीति न तो रोग-विज्ञान तौर पर सुदृढ़ है और न ही रोग संक्रमण की पहचान करने के लिए यह एक किफायती तरीका है। ऑस्ट्रेलियाई सरकार यह पहचान करती है कि रोग नियंत्रण और निगरानी के उद्देश्यों के लिए विशिष्ट संदर्भों में लक्षणहीन टेस्टिंग की भूमिका हो सकती है। इन संदर्भों में शामिल हैं: प्रकोप के परिसर, कम घटनाओं वाले क्षेत्रों में उच्च खतरे के संक्रमण की आबादी, महत्वपूर्ण तौर पर संक्रमण के उच्च खतरे वाली आबादी, तथा उच्च खतरे के संक्रमण वाले परिसर में आने वाले लोग जो संक्रमित होने की स्थिति में गंभीर रोग से ग्रस्त होने के लिए भी असुरक्षित होते हैं।   

ऑस्ट्रेलियाई सरकार यह सुझाव देना जारी रखती है कि लक्षणहीन लोगों के लिए कार्यस्थल पर परीक्षण कार्यक्रमों सहित टेस्ट करवाने की विधियों को प्रासंगिक सरकारी स्वास्थ्य प्राधिकरणों और प्रयोगशाला के निदेशकों से सलाह-मशविरा करके तैयार किया जाए। ऐसा इसलिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सबसे उचित और प्रभावी तरीकों का प्रयोग किया जाता है। व्यापक लक्षणहीन टेस्टिंग पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार के दृष्टिकोण से सम्बन्धित और अधिक जानकारी के लिए, कृपया स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट देखें।  

झूठ: टेस्टिंग किट सही नहीं हैं। 

सच:ऑस्ट्रेलिया में, COVID-19 के टेस्ट बहुत सटीक हैं। ऑस्ट्रेलिया में प्रयोग किए गए टेस्ट करने के सभी तरीकों को व्यापक तौर पर वैध किया गया है। इनकी Therapeutic Goods Administration (TGA) द्वारा और SARS-CoV-2 (वायरस जिससे COVID-19 पैदा होता है) के लिए विशिष्ट तौर पर विकसित गुणवत्ता आश्वासन कार्यक्रमों में अनिवार्य सहभागिता के माध्यम से करीबी से निगरानी की जानी जारी है। 

ऑस्ट्रेलिया में, प्रयोगशाला-आधारित पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन टेस्टिंग (PCR) वह गोल्ड मानक टेस्ट है जिसका प्रयोग आपके शरीर में तीव्र SARS-CoV-2 संक्रमण का निदान करने के लिए प्रयोग किया जाता है, और टेस्ट का आयोजन करने के लिए सांस के नमूने को इकट्ठा करने की आवश्यकता होती है। PCR टेस्ट बहुत संवेदनशील होते हैं और ये सांस के नमूने में SARS-CoV-2 से जुड़े सबसे छोटे आनुवंशिक भागों का पता लगाते हैं।  

ऑस्ट्रेलिया में किसी भी नई टेस्टिंग टैक्नॉलेजी के लिए यह आवश्यक है कि TGA द्वारा इसका ध्यानपूर्वक आकलन किया जाए ताकि परिणामों की गुणवत्ता तथा विश्वसनीयता को सुनिश्चित किया जा सके और इसकी कानूनी आपूर्ति को सक्षम बनाया जा सके। Australian Register of Therapeutic Goods में कौन से COVID-19 टेस्ट शामिल किए जाते हैं, इसके बारे में अप-टू-डेट जानकारी के लिए, कृपया TGA की वेबसाइट www.tga.gov.au/covid-19-test-kits-included-artg-legal-supply-australia देखें।

झूठ: कोरोनावायरस एक छल या धोखा है 

सच: COVID-19 कोरोनावायरस (SARS-CoV-2) द्वारा पैदा होता है, जो ऐसे वायरस के बड़े परिवार का भाग है जिनसे मानवों और जानवरों दोनों में सांस लेने से संबंधित संक्रमण पैदा हो सकते हैं। ये संक्रमण सर्दी-ज़ुकाम से लेकर अधिक गंभीर रोग तक अलग-अलग प्रकार के हो सकते हैं। COVID-19 का फैलाव लोगों के बीच सांस से आने वाली छोटी बूँदों और संदूषित सतहों से होता है।  

ऑस्ट्रेलिया में, Peter Doherty Institute for Infection and Immunity पर Victorian Infectious Diseases Reference Laboratory (VIDRL) चीन के बाहर पहली प्रयोगशाला थी जिसने SARS-CoV-2 को अलग किया था। VIDRL ने पृथक वायरस को ऑस्ट्रेलिया की अन्य प्रयोगशालाओं, विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य देशों के के साथ साझा किया, ताकि COVID-19 के लिए नैदानिक परीक्षणों के विकास, वैधता और पुष्टिकरण के कार्य को सक्षम किया जा सके।  

ऑस्ट्रेलिया खुशकिस्मत है कि इसे सरकारी और गैर-सरकारी पैथोलॉजी प्रयोगशालाओं के विशेषज्ञ संपर्क समूह का समर्थन प्राप्त है जिन्हें SARS-CoV-2 का पता लगाने और इसकी पुष्टि करने में क्षमता और उचित मान्यता प्राप्त है।   टेस्ट करने की क्षमता को बढ़ाने की इन प्रयोगशालाओं की योग्यता कर्व को फ्लैट (वक्र को समतल) करने और अन्य देशों में पाई जाने वाले विनाशकारी संक्रमण दरों से बचने में ऑस्ट्रेलिया की सफलता के लिए अत्यावश्यक रही है।    COVID-19 से ग्रस्त लोगों की संख्या और इस रोग से होने वाली मृत्युओं की संख्या से सम्बन्धित जानकारी ऑस्ट्रेलिया और विश्व भर में एकत्रित की जाती है। डेटा प्रतिदिन ऑस्ट्रेलियाई स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रकाशित किया जाता है। 

झूठ: मास्क अप्रभावी और/या असुरक्षित होते हैं। 

सच: अच्छी स्वच्छता, शारीरिक दूरी और यदि आप अस्वस्थ हों तो घर पर ही रहने और टेस्ट करवाने जैसी अन्य सावधानियों के साथ जब मास्क का प्रयोग किया जाता है, तो इससे COVID-19 के फैलाव को कम करने में मदद मिलती है। 

सांस संबंधी अधिकांश वायरस के समान ही, SARS-CoV-2 (वायरस जिससे COVID-19 होता है) मुख्यत: वायरस वाली छोटी बूँदों से फैलता है जो किसी संक्रमित व्यक्ति के बोलने, खांसने या छींकने पर पैदा होती हैं।   फैलाव संदूषित सतहों के माध्यम से भी हो सकता है। मास्क का प्रयोग COVID-19 सहित सांस संबंधी विषाणुजनित संक्रमण से ग्रस्त किसी व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है, चाहे उसमें लक्षण हों या न हों, ताकि सांस से आने वाली संक्रमित छोटी बूँदों के फैलाव को कम करके अन्य लोगों की सुरक्षा की जा सके। मास्क का प्रयोग स्वास्थ्य और देखभाल कर्मचारियों द्वारा उस परिस्थिति में किया जाता है जब वे COVID-19 सहित सांस संबंधी संक्रमण से ग्रस्त किसी व्यक्ति से शारीरिक दूरी बनाए रखने में असमर्थन होते हैं। 

मास्क पहनना COVID-19 के फैलाव को धीमा करके का केवल एक कदम है और यह अन्य सावधानियों के लिए एक विकल्प नहीं है। हाथों और सांस संबंधी अच्छी स्वच्छता तथा शारीरिक दूरी को अमल में लाना जारी रखना तथा अस्वस्थ होने की स्थिति में घर में ही रहना और टेस्ट करवाना महत्वपूर्ण है। 

ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि मास्क पहनना असुरक्षित है या इससे ऑक्सीजन की कमी जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।   स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता बिना किन्हीं समस्याओं के कई वर्षों के लिए विस्तृत समयावधियों के लिए मास्क पहनते आए हैं। 

  

 

COVID-19 पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार की प्रतिक्रिया में मुख्य विकासों के बारे में सूचित रहने के लिए नियमित तौर पर यह वेबसाइट देखें। 

SBS पर भी आपकी भाषा में के बारे में विभिन्न प्रकार की जानकारी उपलब्ध है।  सरकारी जानकारी को अनुवादित करने के लिए आप अपनी मोबाइल फोन एप्पस और ब्राउज़र एक्सटेंशन का प्रयोग भी कर सकते/सकती हैं। एक ऐसा माध्यम खोजें जो आपकी आवश्यकताओं को पूरा करता हो। 

अंग्रेज़ी में अतिरिक्त जानकारी तक पहुँच प्राप्त करने के लिए, www.australia.gov.au देखें।